राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) – भारत सरकार तथा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश राज्यों का एक संयुक्त उपक्रम, जो आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत है – को भारत के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नमो भारत परियोजना के कार्यान्वयन का दायित्व सौंपा गया है। इसका उद्देश्य बेहतर कनेक्टिविटी एवं पहुंच के माध्यम से संतुलित एवं स्थायी शहरी विकास सुनिश्चित करना है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और दिल्ली को जोड़ने हेतु एक एकीकृत यात्री रेलवे नेटवर्क की अवधारणा सर्वप्रथम वर्ष 1998-99 में भारतीय रेलवे द्वारा प्रायोजित एक अध्ययन में प्रस्तुत की गई थी। इस अध्ययन में तेज गति वाली कम्यूटर ट्रेनों के माध्यम से कनेक्टिविटी प्रदान करने हेतु नमो भारत नेटवर्क की संभावनाओं की पहचान की गई थी।
वर्ष 2006 में, दिल्ली मेट्रो के विस्तार को ध्यान में रखते हुए इस प्रस्ताव की पुनः समीक्षा की गई। इसके उपरांत, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड (NCRPB) ने अपनी “एनसीआर-2032 के लिए परिवहन संबंधी कार्यात्मक योजना” के अंतर्गत इस अवधारणा को अपनाया।
NCRPB ने NCR के विभिन्न शहरों को उच्च गति रेल आधारित यात्री सेवाओं से जोड़ने हेतु नमो भारत के आठ कॉरिडोर की पहचान एवं सिफारिश की। तत्पश्चात, तत्कालीन योजना आयोग ने वर्ष 2006 में आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में एक कार्यबल का गठन किया। इस कार्यबल ने वर्ष 2009 में एक विशेष प्रयोजन साधन स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिसकी प्रारंभिक पूंजी ₹100 करोड़ निर्धारित की गई, ताकि उपनगरीय यात्रियों के लिए व्यापक, एकीकृत बहु-मॉडल परिवहन प्रणाली का विकास किया जा सके, जिससे क्षेत्र में संतुलित एवं स्थायी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
इसी परिप्रेक्ष्य में एनसीआरटीसी की स्थापना की परिकल्पना की गई, जो एनसीआर में इस बहु-मॉडल परिवहन प्रणाली के कार्यान्वयन हेतु नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।
एनसीआरटीसी केंद्र सरकार तथा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की संयुक्त भागीदारी से स्थापित एक संस्था है।
इस साझेदारी के तहत, 29 जून 2011 को सभी भागीदारों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए तथा एनसीआरटीसी के लिए ₹100 करोड़ की प्रारंभिक अंश पूंजी निर्धारित की गई।
इस अंश पूंजी के लिए संबंधित हितधारकों से अंशदान 1 अगस्त 2013 तक प्राप्त कर लिया गया, साथ ही एनसीआरटीसी के संस्था के बहिर्नियम एवं सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए।
एनसीआरटीसी को 21 अगस्त 2013 को कंपनी अधिनियम, 1956 के अंतर्गत औपचारिक रूप से एक कंपनी के रूप में निगमित किया गया।
केंद्र एवं राज्य सरकारों की संयुक्त भागीदारी वाली इस संस्था में प्रत्येक सहभागी राज्य से एक-एक नामित निदेशक तथा भारत सरकार से चार नामित निदेशक होते हैं। आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय के सचिव, निदेशक मंडल के पदेन अध्यक्ष होते हैं तथा प्रबंध निदेशक के नामित प्रतिनिधि होते हैं।
इसके अतिरिक्त, एनसीआरटीसी को विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन हेतु पृथक सहायक कंपनियां स्थापित करने की भी स्वतंत्रता प्राप्त है।