गति से प्रगति

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) भारत सरकार और दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान तथा उत्तर प्रदेश राज्यों की संयुक्त क्षेत्र की कंपनी है। इसका काम क्षेत्रीय त्वरित परिवहन पद्धति (RRTS) को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कार्यान्वित करना है ताकि इनके बीच बेहतर संपर्क और पहुँच के माध्यम से संतुलित और टिकाऊ विकास संभव हो सके।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र पर इसका प्रभाव

सतत् विकास

तीव्रगामी पारगमन प्रणाली से दिल्ली समेत समस्त राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सतत् विकास का लक्ष्य हासिल करने में सहायता मिलेगी। इससे उन प्रक्रियाओं को गति मिलेगी जिनसे भावी पीढ़ियाँ सुरक्षित पर्यावरण का लाभ ले सकेंगी और सतत् आर्थिक तथा सामाजिक विकास भी संभव होगा।

संतुलित आर्थिक विकास

तेज गति और निर्बाध परिवहन सुविधा होने से संतुलित आर्थिक विकास संभव होगा, जिसका लाभ समाज के सभी वर्गों को मिलेगा, सारी आर्थिक गतिविधियाँ एक स्थान पर केंद्रित न होने से विकास के अनेकों रास्ते खुलेंगे।

प्रदूषण कम, सड़कों पर भीड़ भी कम

पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित और कम प्रदूषणकारी क्षेत्रीय त्वरित परिवहन प्रणाली (RRTS) का लाभ यह होगा कि RRTS के माध्यम से तीव्र गति से (औसतन 100 किलोमीटर प्रति घंटा) अधिक संख्या में अधिकाधिक लोगों को परिवहन सुविधाएँ मिलेंगी। मात्र तीन मीटर की जगह घिरने से सड़कों पर भीड़भाड़ भी घटेगी। कुल मिलाकर इससे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में परिवहन के कारण होनेवाले कुल वायु प्रदूषण में कमी आएगी।

आरआरटीएस ट्रेन का फर्स्ट लुक
एनसीआरटीसी कॉर्पोरेट फिल्म
भारत में शहरी परिवहन का विकास

आरआरटीएस परियोजना पर प्रबंध निदेशक

लंदन के इंपीरियल कॉलेज से एलेक्स बैरन के साथ श्री वी.के.सिंह का साक्षात्कार

02.12.2020 को #RailLive में पैनल चर्चा के दौरान आरआरटीएस परियोजना पर एमडी / एनसीआरटीसी श्री विनय कुमार सिंह

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