Rolling EoI for Empanelment of Advocates for High Courts (Delhi & Allahabad) and District Courts (Delhi, Ghaziabad & Meerut)

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एनसीआरटीसी ने दिल्ली–गाजियाबाद–मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के लिए स्वचालित किराया संग्रहण (AFC) प्रणाली को अपनाया है। यह प्रणाली QR कोड आधारित टिकटिंग (डिजिटल QR एवं पेपर QR) की सुविधा प्रदान करती है।

प्रत्येक टिकट वेंडिंग मशीन (TVM) उन्नत तकनीक से सुसज्जित है, जो यात्रियों को त्वरित एवं सुविधाजनक टिकटिंग अनुभव प्रदान करती है।

चरण-1 के अंतर्गत विकसित किए जा रहे कॉरिडोर

1. दिल्ली – गाजियाबाद – मेरठ कॉरिडोर

82 किमी लंबा यह कॉरिडोर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सबसे घनी आबादी वाले हिस्सों में से होकर गुजरता है और दिल्ली को उत्तर प्रदेश से जोड़ता है। यह कॉरिडोर क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करता है तथा मार्ग के साथ स्थित टाउनशिप एवं आर्थिक गतिविधियों के केंद्रों को जोड़ता है।

2. दिल्ली – गुरुग्राम – एसएनबी – अलवर कॉरिडोर

यह कॉरिडोर हरियाणा एवं राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्रों से होकर गुजरता है और गुरुग्राम से अलवर के बीच के पूरे क्षेत्र को लाभान्वित करता है। यह दिल्ली एवं गुरुग्राम से मानेसर, बावल एवं नीमराना जाने वाले यात्रियों की उत्पादकता बढ़ाता है।

यह कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से प्रारंभ होकर मुनिरका, एयरोसिटी, गुरुग्राम, सोतानाला एवं रेवाड़ी होते हुए अलवर (राजस्थान) तक जाता है।

3. दिल्ली – पानीपत – करनाल कॉरिडोर

यह कॉरिडोर दिल्ली से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए सोनीपत, गन्नौर, समालखा, पानीपत एवं करनाल जैसे शहरों को जोड़ता है। यह क्षेत्र शैक्षणिक एवं आतिथ्य संस्थानों के लिए प्रसिद्ध है और यह कॉरिडोर क्षेत्रीय विकास का उत्प्रेरक सिद्ध होगा।