NCRTC has started Initial Pile Load Test on the Delhi – Ghaziabad – Meerut RRTS Corridor

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) ने आज से दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरीडोर पे प्रारंभिक पाइल लोड टेस्टिंग का कार्य शुरु कर दिया है|

पहला परीक्षण गाजियाबाद में मोहन नगर फ्लाईओवर के पास शुरू किया गया है। इस दौरान एनसीआरटीसी के एमडी श्री विनय कुमार सिंह और अन्य बड़े अधिकारी भी मौजूद थे| आरआरटीएस कॉरिडोर को देश में पहली बार लागू किया जा रहा है और यही कारण है कि यह परीक्षण, वायडक्ट कि मजबूती का निर्धारण करने क़े लिऐ महत्वपूर्ण है। (180 किमी/घंटा) की रफ़्तार से होने वाले हाई स्पीड ट्रेन ऑपरेशन हेतु एक मजबूत सिविल स्ट्रक्चर की ज़रूरत को देखते हुए यह परीक्षण किया जा रहा है।

टेस्ट का मुख्य उद्देश्य स्थिर एवँ गत्यात्मक भार क्षमता को निर्धारित करना व सटीक डेटा देना होगा| यह विभिन प्रकार कि लंबाई और चौड़ाई वाले पाईलों पर किया जाएगा, इन पाईलों का उपयोग आरआरटीएस वायाडक्ट्स एवं स्टेशनों की एलिवेटेड सरंचना में होगा। यह जांच निर्धारित स्थानों पर निर्मित टेस्ट पाइलों पर की जाएगी| पूर्ण सुरक्षा को ध्यान में रखते, असल डिजाईन जरूरतों के विपरीत वर्टीकल भार व क्षमता से तीन गुना ज़्यादा भार डाल कर परिक्षण किया जाएगा| प्रारम्भिक पाइल लोड परिक्षण दो महिनें में पूरे होने की उम्मीद है|
दिल्ली-ग़ज़ियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर में 22 स्टेशन है ओर इस कॉरिडोर की कुल लम्बाई 82 Km है | कुछ समय पहले इस प्रोजेक्ट की डीपीआर को उत्तर प्रदेश सरकार ने मंजूरी दी थी और हाल ही में इसे दिल्ली सरकार द्वारा औपचारिक मंज़ूरी मिल चुकी है | भू-तकनीकी सर्वेक्षण, पूर्व-निर्माण गतिविधियां और सड़क चौड़ीकरण प्रगति पर है, यूटिलिटी डायवर्जन का काम पूरे जोरों पर है ताकी कॉरिडोर के निर्माण कार्य को रफ़्तार मिल सके|
यह हाई स्पीड रेल कॉरिडोर दिल्ली से मेरठ की दूरी एक घंटे से भी काम समय में तय करेगी| यह एक नयी, समर्पित, उच्च गति, उच्च क्षमता वाली आरामदायक यात्री सेवा है जो एनसीआर से दिल्ली के क्षेत्रीय नोड्स को जोड़ेगी|